Sunday, November 15, 2015

चुइंगम

चुइंगम

‘हाँ तो अभी आपने देखा, पीडित महिला ने बताया कि किस तरह वह शाम को खेत से काम करके लौट रही थी और किस तरह पाँच बदमाशों ने उसे दबोच लिया।’ टीवी संवाददाता बडे जोश के साथ बता रहा था।

चौबीस घंटे चैनल का पेट भरने के लिए डबलरोटी का बडा टुकडा उसे मिल गया था जिसे कुतर-कुतर कर पूरी रात चबाते रहना था।

‘बिल्कुल प्रमोद, आप बने रहिए वहीं,हम थोडी देर में फिर आपके पास लौटेंगे।’ सीधे प्रसारण को बीच में रोकते हुए स्टूडियो में बैठे सूत्रधार ने संवाददाता से कहा, फिर दर्शकों से मुखातिब होकर बोला-‘जाइएगा नहीं,आगे हम जानेंगें किस प्रकार पीडित आदिवासी महिला ने बहादुरी के साथ अकेले बदमाशों का सामना किया लेकिन अपनी आबरु बचाने में नाकायमाब रही। प्रशासन और राजनेताओं से भी पूछेंगे कि इसी घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है और इन्हे रोकने के लिए उनके स्तर पर क्या प्रयास किए जा रहे हैं,लेकिन फिलहाल एक छोटा-सा ब्रेक।’


उधर टीवी स्क्रीन पर अभिनेत्री ने साबुन बेचने के लिए अपनी देह को मोहक मुस्कान बिखेरती सहलाने लगी इधर एक बच्चे ने रिमोट का बटन दबा दिया। दूसरे चैनल पर संवाददाता और सूत्रधार एक बडी और रसीली चुइंगम चबा रहे थे। 

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