निष्पक्ष संवाद
सुबह की सैर के दौरान दो व्यक्ति बातचीत कर रहे थे।
"टीवी पर कौनसी चैनल की खबरें देखते हैं आप?"
"फ़लानी' चैनल की।"
"अच्छा,'ढिकानी' की नहीं देखते क्या?"
"बिल्कुल नहीं!"
"क्यों?"
"वह हमारे 'पक्ष' की चैनल नहीं है।"
"ओके,ओके, हम भी नहीं देखते 'फलानी' चैनल।"
"अच्छा, तो मिलते हैं फिर कभी।"
चौराहे पर आकर दोनों नागरिक अपने अपने रास्तों पर आगे बढ़ गए। उन्हें पता ही नहीं था कि इसी चौराहे के समीप एक व्यक्ति ठंड से पिछले दिनों मर गया था।
मरने वाले व्यक्ति का कोई पक्ष नहीं था।
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ब्रजेश कानूनगो